सबसे बड़ा हथियार

सबसे बड़ा हथियार

एक दिन बादशाह अकबर ने बीरबल की चतुरता की परीक्षा लेने की सोची और एक पागल मदमत्त हाथी को बाजार में छुड़वा दिया। बीरबल सड़क पर अकेले घूम रहे थे, जब वे सड़क के एक कोने पर आये तभी हाथी अचानक से बीरबल के सामने आ गया। आसपास कोई छुपने की जगह भी न थी और बीरबल के पास कोई हथियार भी न था, इसलिए बीरबल बहुत परेशान हो गए ।

यह सब बादशाह अकबर अपने महल से देख रहे थे और मन ही मन सोच रहे थे कि अब बीरबल क्या करेगा? कोई नयी युक्ति लगाएगा या फिर हाथी उन्हें कुचल देगा।

हाथी मदोन्मत्त था और बड़ी तेजी से बीरबल की ओर बढ़ता आ रहा था, इस कठिनाई के वक्त में बीरबल को कोई युक्ति भी नहीं सूझ रही थी। बीरबल ने चारों ओर देखा तो उन्हें कोने में पड़ी कुतिया नजर आयी, हाथी के नजदीक आने पर बीरबल ने उस कुतिया के पैर पकड़कर हाथी की सूढ़ पर दे मारा, अचानक से आये इस हमले के  कारण हाथी हक्का-बक्का रह गया । इस अवसर का लाभ उठाकर बीरबल वहाँ से चम्पत हो गए और उन्होंने समय पर अपनी सूझ-बूझ से अपनी जान बचा ली ।

अकबर यह देखकर काफी प्रसन्न हुए और बोले कि सबसे बड़ा हथियार समय कि सूझ-बूझ ही है । अगले दिन दरबार में उन्होंने बीरबल को बुलाया और काफी धन-धान्य देकर सम्मानित किया ।

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