धर्मपरायण रीछ

सायंकाल हुआ ही चाहता है। जिस प्रकार पक्षी अपना आराम का समय आया देख अपने-अपने खेतों का सहारा ले रहे हैं उसी प्रकार हिंस्र श्‍वापद भी अपनी अव्याहत गति समझ…

शिकारी राजकुमार

मई का महीना और मध्याह्न का समय था। सूर्य की आँखें सामने से हटकर सिर पर जा पहुँची थीं, इसलिए उनमें शील न था। ऐसा विदित होता था मानो पृथ्वी…

घंटाघर

एक मनुष्य को कहीं जाना था। उसने अपने पैरों से उपजाऊ भूमि को बंध्या करके पगडंडी काटी और वह वहाँ पर पहला पहुँचने वाला हुआ। दूसरे, तीसरे और चौथे ने…

पंच-परमेश्वर

जुम्मन शेख अलगू चौधरी में गाढ़ी मित्रता थी। साझे में खेती होती थी। कुछ लेन-देन में भी साझा था। एक को दूसरे पर अटल विश्वास था। जुम्मन जब हज करने…

उसने कहा था

बड़े-बडे़ शहरों के इक्के-गाडी वालों की जबान के कोड़ों से जिनकी पीठ छिल गई है और कान पक गए हैं, उनसे हमारी प्रार्थना है कि अमृतसर के बम्बू कार्ट वालों…

गरीब की हाय

मुंशी रामसेवक चांदपुर गाँव के एक बड़े रईस थे। रईसों के सभी गुण इनमें भरपूर थे। मानव चरित्र की दुर्बलताएँ उनके जीवन का आधार थीं। वह नित्य मुन्सिफी कचहरी के…

झख मार रहे हैं

एक दिन जमुना किनारे एक मल्लाह मछलियों का शिकार कर रहा था उसी समय बीरबल के साथ अकबर बादशाह भी वहाँ पर जा पहुँचा ।मल्लाह को मछलियां मारते हुए देखकर…

बीरबल और माता महाकाली

एक दिन बीरबल को डराने के विचार से माता महाकाली ने अपना हजार मुख बाला विकराल रूप धारण कर रात्रि समय में उसको दर्शन दिए । बीरबल ने महामाया को…

बादशाह का मूल्य

अकबर बादशाह को बुद्धिमान पुरुषों से बड़ा प्रेम था । यही खास कारण था जिससे उसके दरबार में नवरत्न हमेशा विद्यमान रहते थे । एक दिन दरबार लगा हुआ था…