बुद्धू का काँटा

रघुनाथ प् प् प्रसाद त् त् त्रिवेदी - या रुग्‍नात् पर्शाद तिर्वेदी - यह क्‍या? क्‍या करें, दुविधा में जान हैं। एक ओर तो हिंदी का यह गौरवपूर्ण दावा है…