सुहागन सती सावित्री

चंपारण जिले के नरकटियागंज की कहानी है यह। यहीं विवाह होकर आई थी सावित्री। सावित्री जन्म से मुस्लिम थी, कुछ ही दिन पहले उनका परिवार मुस्लिम से हिन्दू बना था।…

कश्मीरी सेब

कल शाम को चौक में दो-चार जरूरी चीजें खरीदने गया था। पंजाबी मेवाफरोशों की दूकानें रास्ते ही में पड़ती हैं। एक दूकान पर बहुत अच्छे रंगदार,गुलाबी सेब सजे हुए नजर…

चित्र का शीर्षक

जयराज जाना-माना चित्र-कार था। वह उस वर्ष अपने चित्रों को प्रकृति और जीवन के यथार्थ से सजीव बना सकने के लिये, अप्रैल के आरम्भ में ही रानीखेत जा बैठा था।…

घास-वाली

मुलिया हरी-हरी घास का गट्ठा लेकर आयी, तो उसका गेहुआँ रंग कुछ तमतमाया हुआ था और बड़ी-बड़ी मद-भरी आँखो में शंका समाई हुई थी। महावीर ने उसका तमतमाया हुआ चेहरा…